Isharon Isharon KI Batien
कुछ इशारों इशारों की बाते थी,
हां कुछ इशारों इशारों की बाते थी ।
मोहबत तो उनको भि थी पर वो बत्ता।।
इस युग का कलियुग है साहब
कहा वाले थे ।
पर क्या बताये साहब मोहबत तो दोतार्फा थी
हम समजते थे कि मोहबत एकतरफा है...
batayien is kavita ke barain apni ray ?
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